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5 Chaityavandan In Hindi Full [patched]: PalitanaOur culture has advanced beyond all that you could possibly comprehend with one hundred percent of your brain. |
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इस विस्तृत लेख में पालीताना के सभी दिया गया है, ताकि आपकी भाव यात्रा सफल हो सके।
पुंडरीक गणधार, प्रथम विमल गिरि राजे,कोटि मुनि परिवार, मुक्ति रमणी मुख साजे।चैत्र पूनम के दीह, सिद्ध भये सुखकार,तासु चरण चित धरी, वंदू वारंवार।। 1 ।।
Shree Shantrunjay giriraj Yatra Five Chaityavandans - jainsite palitana 5 chaityavandan in hindi full
रायण पगलिया के सम्मुख तीन खमासमण देकर चैत्यवंदन मुद्रा में बैठें और इस स्तुति का गान करें।
जय तलेटी परम पवित्र, सिद्ध भूमि ने करूं नमस्कार।कोटि-कोटि मुनि जहाँ सिद्धा, तेहने वंदूं वारंवार।शत्रुंजय समो तीरथ नहीं, ऋषभ समो नहीं देव।मरुदेवी सूत वंदना कीजे, अलख निरंजन सेव। प्रथम विमल गिरि राजे
गहन अध्ययन: कुछ आगमों के अनुसार, ये पाँच चैत्यवंदन (च्यवन, जन्म, दीक्षा, केवलज्ञान, मोक्ष) के प्रतीक हैं।
पालिताना ५ चैत्यवंदन विधि और पाठ (Palitana 5 Chaityavandan in Hindi Full) कोटि मुनि परिवार
शांतिनाथ शांति के दाता, तुम बिन कौण अनाथ का त्राता।भव-भव के संकट सब काटो, निर्मल केवल ज्ञान रस बांटो।
बोलकर 'तस्स उत्तरी' सूत्र कहें और १ लोगस्स (या ४ नवकार मंत्र) का काउस्सग्ग (ध्यान) करें।
१. प्रथम चैत्यवंदन: श्री जयतळायु चैत्यवंदन (तलहटी)
एकाग्र चित्त होकर ऊपर दिए गए विशिष्ट स्थान का पढ़ें।